मास्को: धमाकों के पीछे 'ब्लैक विडो' का हाथ होने का अंदेशा

क्या हैं ब्लैक विडो
रूस में 'ब्लैक विडो' उन महिलाओं को कहा जाता है, जिनके पति, भाई या नजदीकी संबंधी चेचन युद्ध में मारे जा चुके हैं। इस संगठन में कॉकेशस क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं। सोमवार के विस्फोटों की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है। सूत्रों के अनुसार मेट्रो में लगाए वीडियो यंत्रों की सहायता से हमलावरों की पहचान हो गई है। स्टेशन में लगे अन्य कैमरों की रिकार्डिग में दो महिलाएं और एक पुरुष भी दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विस्फोट स्थल से दो आत्मघाती महिला हमलावरों के क्षतविक्षत शव बरामद हुए थे।
सोमवार को मास्को में पहला विस्फोट लुब्यांका स्टेशन पर सुबह सात बजकर 56 मिनट पर हुआ। दूसरा विस्फोट नजदीकी पार्क कुलतुरी स्टेशन पर आठ बजकर 40 मिनट पर हुआ। इन विस्फोटों में कम से कम 38 लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए। प्रधानमंत्री ब्लादिमिर पुतीन ने इन विस्फोटों को भयानक और घृणित करार दिया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून, अमेरिकी, ब्रिटेन और फ्रांस ने इन विस्फोटों की निंदा की है।
इससे पहले मास्को में फरवरी 2004 में भी मेट्रो में विस्फोट हुए थे, जिसमें 39 लोग मारे गए थे। इस घटना के छह माह बाद एक आत्मघाती हमलावर ने एक अन्य स्टेशन के बाहर खुद को उड़ा लिया था, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।












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