हवाईअड्डों पर रोक, अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संदेश फैलाएगा इस्कॉन
वाशिंगटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। लास एंजेलिस अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा परिसर में दान याचना की अनुमति न मिलने से क्षुब्ध इस्कॉन ने कहा है कि वह अमेरिका के अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अपना संदेश फैलाना जारी रखेगा।
'इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कांशियसनेस' (इस्कॉन) के प्रवक्ता अनुत्तम दास ने हवाईअड्डे पर दान याचना पर रोक लगाने के सोमवार के कैलीफोर्निया के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी देते हुए कहा, "हम फैसले से बहुत निराश हैं।"
उन्होंने लास एंजेलिस में जारी वक्तव्य में कहा, "हमें लगता है कि अदालत ने बोलने की स्वतंत्रता की ऐतिहासिक सहमति से मुंह फेरकर, पहले संशोधन पर असंगत विचार रखकर भूल की है, जिसका अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर खतरनाक असर पड़ सकता है।"
उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट नहीं है कि इस्कॉन इस कानूनी लड़ाई को आगे लेकर जाएगा या नहीं लेकिन इस समूह की अन्य सार्वजनिक स्थलों पर इसका संदेश फैलाने की योजना है। हम निराश हैं पर हताश नहीं।"
लास एंजेलिस अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध में याचिकाकर्ता साहित्य वितरित कर सकते हैं और ई-मेल के जरिए दान देने के लिए कह सकते हैं। दास ने कहा, "इस्कॉन श्रद्धालुओं के लिए यह व्यवस्था अव्यवहारिक है क्योंकि भगवद-गीता और जिन अन्य हिंदू ग्रंथों का प्रकाशन कर वितरण किया जाता है उनकी छपाई में बहुत अधिक खर्च आता है।"
लास एंजेलिस हवाईअड्डे ने अपने परिसर में इस्कॉन साहित्य का वितरण कर दान याचना करने पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसे इस्कॉन ने चुनौती दी थी। इस्कॉन का कहना था कि साहित्य का वितरण और दान की मांग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के पहले संशोधन के तहत जायज है।
कैलीफोर्निया के सुप्रीम कोर्ट ने लास एंजेलिस हवाईअड्डे के प्रतिबंध को संवैधानिक बताया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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