बेअंत सिंह हत्याकांड में आतंकवादी को उम्रकैद
अदालत ने सोमवार को परमजीत को 1995 के इस हत्याकांड में शामिल होने का दोषी ठहराया था। यह फैसला कड़ी सुरक्षा वाली मॉडल जेल परिसर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार सोंधी ने सुनाया। सुरक्षा कारणों से इस मुकदमे की सुनवाई जेल में हुई।
परमजीत पर 65,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त 1995 को दिलावर सिंह नाम के एक आत्मघाती हमलावर ने बेअंत सिंह की पंजाब सिविल सेक्रेटरीएट परिसर में हत्या कर दी थी।
परमजीत के एक अन्य साथी जगतार सिंह हवारा को इसी मामले में 2007 में सजा ए मौत सुनाई गई थी।
जनवरी 2004 में जगतार और परमजीत दो अन्य कैदियों के साथ जेल से फरार हो गए थे। उन्हें बाद में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
बेअंत सिंह को 1990 के दशक के शुरूआती वर्षो में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के.पी.एस. गिल के समर्थन से पंजाब में हालात सामान्य बनाने का श्रेय दिया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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