राजस्थान में गूजरों का अल्टीमेटम

नारायण बारेठ, बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान में गूजरों ने राज्य सरकार को छह दिनों की मोहलत दी है और कहा कि वो इस दौरान आरक्षण के मसले को सुलझा ले. गूजर इन दिनों अजमेर और दौसा के गाज़ीपुर में पड़ाव डाले हुए हैं और वहाँ उनका क्रमिक अनशन चल रहा है. ग़ौरतलब है कि राजस्थान में आंदोलनरत गूजरों और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच शनिवार रात बातचीत हुई लेकिन उसका नतीजा कोई नहीं निकला.
बातचीत के बाद राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक किरोड़ी सिंह बैंसला ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की. उन्होंने कहा था कि वो अपने समर्थकों से सलाह मशविरा करके आंदोलन की दिशा के बारे में फ़ैसला करेंगे.
सरकार की पेशकश
दूसरी राजस्थान सरकार ने कहा है कि सरकार हाईकोर्ट के बंधन के कारण गूजरों की पाँच फीसदी आरक्षण की माँग को छोड़कर अन्य माँगों को मानने को तैयार है. सरकार का कहना था कि गूजर समुदाय कहे तो सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है. इसके पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को गूजर आंदोलन के दौरान जन-धन की हिफ़ाजत के पुख्ता उपाय करने को कहा था.
गूजर नेताओं ने 23 मार्च से आरक्षण की अपनी मांग को लेकर फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है. राजस्थान ने हाल के वर्षो में दो बड़े गूजर आंदोलन देखे हैं. इनमें कोई 70 लोग मारे गए थे और बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाया गया था इसीलिए आंदोलन की फिर दस्तक सुनाई देते ही लोग चिंतित होने लगे हैं.












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