हरियाणा की खाप पंचायतों पर कसने लगा है कानूनी शिंकजा
चण्डीगढ़, 29 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा में अपने फैसलों के लिए कुख्यात खाप पंचायतें अब खुद ही कानून के फंदे में फंसती नजर आ रही हैं।
करनाल शहर के एक सत्र न्यायालय ने एक युवा दंपति की हत्या के मामले में छह लोगों को दोषी करार दिया और अपहरण के लिए अन्य व्यक्ति को भी दोषी ठहराया। ऐसा पहली बार हुआ है जब खाप पंचायतों के गले में फंदा कसा जा रहा है। माना जा रहा है कि अदालत सोमवार के बाद दोषियों को सजा सुनाएगी।
गौरतलब है कि जून 2007 में कैथल शहर के समीप करोरान गांव में समान गोत्र में शादी करने पर 23 वर्षीय मनोज और 19 वर्षीय बबली की हत्या कर दी गई थी।
मनोज और बबली ने घर से भागकर 18 मई 2007 को शादी कर ली थी। खाप पंचायत ने उनकी शादी को खारिज कर दिया था। उनकी शादी को एक महीना भी नहीं हुए था कि उनकी हत्या कर दी गई।
समान गोत्र में शादी करने की वजह से मनोज और बबली के रिश्तेदार उनकी जान के पीछे हाथ धोकर पड़ गए थे। रिश्तेदार दोनों का पीछा करते हुए करनाल तक पहुंच गए थे और उन्होंने उनकी निर्मम हत्या कर लाश को नाले में फेंक दिया था।
मनोज-बबली की लाशें हिसार शहर के नजदीक नाले से बरामद की गई थीं। तब जाकर पुलिस हरकत में आई थी।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि हरियाणा की खाप पंचायतें प्रेमियों के रास्ते में नहीं आई हैं। हाल ही में जाट बहुल ग्रामीण इलाके में भी समान गोत्र में शादी कर लेने पर एक दंपति के खिलाफ फैसला दिया था।
इस तरह के फैसलों से आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। खाप पंचायतों के आदेश के बाद शादी करने वाले जोड़ों के परिजनों को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है।
भूपिंदर सिंह हुड्डा सरकार ने कभी भी खाप पंचायत के नेताओं के खिलाफ गैर संवैधानिक फैसले के लिए कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। हुड्डा ने कई बार सार्वजनिक तौर पर कहा है कि पंचायतें अपना सामाजिक कर्तव्य निभा रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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