हवाईअड्डा परिसर में दान के लिए याचना नहीं कर सकेगा इस्कॉन
अदालत ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा, "लास एंजेलिस जैसे एक व्यस्त अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दिए गए दान की रसीद तत्काल मांगना विशेष रूप से समस्याग्रस्त हो सकता है।"
'क्रिश्चियन साइंस मॉनीटर' के मुताबिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार में पहले संशोधन के तहत लास एंजेलिस हवाईअड्डे पर दान लेने के लिए याचना करने का अधिकार पाने के लिए 13 सालों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे 'इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस' (इस्कॉन) के लिए अदालत का यह फैसला जाहिर तौर पर अंतिम हार है।
देशभर के अन्य हवाईअड्डों पर इसी तरह के समान उपायों को दो दशक तक कानूनी चुनौतियां मिलने के बाद आया यह फैसला धार्मिक संगठनों के कानूनी विकल्पों को सीमित करता है।
वर्ष 1992 में इस्कॉन ने न्यूयार्क शहर के हवाईअड्डों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। संस्था का दावा था कि दान के लिए याचना करने पर प्रतिबंध लगने से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के प्रथम संशोधन की अवहेलना होती है। इस्कॉन को इस मामले में जिला अदालत में जीत मिलने के बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में हार का मुंह देखना पड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हवाईअड्डों पर दान लेने की अनुमति देने से मना करना संवैधानिक है। अदालत का कहना है कि हवाईअड्डा परिसर सार्वजनिक मंच नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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