रूस और अमेरिका परमाणु हथियार कटौती संधि पर सहमत
'न्यूयार्क टाइम्स' के अनुसार महीनों के गतिरोध और विलंब के बाद दोनों पक्ष तैनात परमाणु वारहेड में एक तिहाई और लांचरों की संख्या में पचास फीसदी कटौती पर सहमत हुए। एक अधिकारी ने कहा कि इस संधि से एक नई निरीक्षण व्यवस्था लागू होगी लेकिन यूरोप में अमेरिकी मिसाइल प्रतिरोधी प्रणाली की तैनाती पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
समझौते को पूरा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव की शुक्रवार को वार्ता की योजना है। दोनों पक्ष आठ अप्रैल को नई संधि पर हस्ताक्षर की योजना बना रहे हैं। इसी दिन पिछले वर्ष ओबामा ने चेक गणराज्य में दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अपने सपने की रूपरेखा पेश की थी।
इस संधि को करीब 14 महीने पहले राष्ट्रपति बने ओबामा की विदेश नीति की एक बड़ी उपलब्धि समझा जा रहा है। ओबामा प्रशासन इस संधि को अप्रैल में ही होने वाले अंतर्राष्ट्रीय परमाणु सम्मेलन और बाद में परमाणु हथियारों में कटौती के अधिक महत्वाकांक्षी दौर के लिए एक प्रतीक के तौर पर उपयोग करना चाहता है।
नई 10 वर्षीय परमाणु हथियार कटौती संधि वर्ष 1991 की 'स्ट्रेटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी' (स्टार्ट) का स्थान लेगी, जो दिसंबर में समाप्त हो गई थी। वाशिंगटन और मास्को से मिली जानकारी के अनुसार अगले सात वर्षो के भीतर दोनों पक्ष तैनात परमाणु वारहेड की संख्या 2,200 से घटाकर 1,600 करेंगे। अब दोनों पक्षों को 1,600 के बजाए 800 लांचर रखने की अनुमति होगी। दोनों देशों के पास परमाणु हथियारयुक्त मिसाइलों और भारी बमवर्षकों की संख्या को 700 तक सीमित किया गया है।
न तो व्हाइट हाउस और न ही क्रेमलिन ने बुधवार को समझौते की औपचारिक पुष्टि की लेकिन क्रेमलिन के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि समझौते का मसौदा तैयार है। यद्यपि उसके सभी प्रावधानों को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स ने कहा, "हम समझौते के बहुत नजदीक हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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