भारत के 20 ठिकाने लश्कर के निशाने पर
अमरीकी सांसद मार्विन बेइनबाम ने गत सप्ताह कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा, यद्यपि पाकिस्तान ने संगठन को प्रतिबंधित कर रखा है फिर भी आईएसआई इसे अपनी संपत्ति मानती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में पाकिस्तान ने विद्रोहियों को मदद देना बंद कर दिया था। अमरीका की मध्यस्थता में इस वर्ष कश्मीर में एक संघर्ष विराम का समझौता हुआ था। इसके बाद लश्कर ने अपने प्रशिक्षण शिविरों और आतंकी गतिविधियों को अफगानिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा में स्थानांतरित कर दिया था। यह सब आईएसआई की जानकारी में था।
बेइनबाम ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईद को एक तरह से बेध़डक कहीं भी आने-जाने की आजादी है। सईद प्राय: सार्वजनिक भाषण करता रहता है और खुलेआम भारत के खिलाफ जहर उगलता है। मैं कहना चाहता हूं कि लश्कर भी अपनी तरफ से माकूल जवाब दे रहा है। वह पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान के नागरिकों पर हमले से बचता है।













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