कश्मीर में 32,000 विधवाएं और 97,000 अनाथ
घाटी के जाने माने समाज विज्ञानी बशीर अहमद डबला द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, "वर्ष 2008 में प्रदेश में विधवाओं की संख्या 32,400 और अनाथ बच्चों की संख्या 97,200 थी। यह संख्या बढ़ती ही जा रही है। सशस्त्र संघर्ष और अलगाववाद के दंश के कारण इनका जीवन दयनीय बना हुआ है।"
इस अध्ययन में यह बात सामने आई है कि इन विधवाओं और बच्चों को न तो सरकार और न ही किसी गैर-सरकारी संगठन की तरफ से ही अब तक कोई मदद मिल पाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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