विस्फोट के लिए बेकरी प्रबंधन व लोग जिम्मेदार : पुलिस (लीड-1)
सकल सोशल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 1000 से ज्यादा छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "10-15 मिनट नहीं बल्कि डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक किसी ने बैग पर ध्यान नहीं दिया।"
सिंह के अनुसार, कुछ ग्राहकों ने कैशियर को बैग के बारे में बताया था लेकिन वह अपने काम में इतना व्यस्त था कि उसने पुलिस को सूचना देने की जहमत नहीं उठाई।
सिंह ने कहा, "कैशियर को इसकी जानकारी दिए जाने के 20 मिनट बाद विस्फोट हुआ। अगर जर्मन बेकरी के कर्मचारी और वहां मौजूद लोग थोड़ा जागरूक होते तो यह हादसा नहीं होता।"
विस्फोट की जांच का जिम्मा राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा गया है।
एटीएस प्रमुख के. पी. रघुवंशी ने आईएएनएस से कहा, "हम सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जांच में काफी प्रगति है। जल्द ही हम सारी चीजों को लोगों के सामने ले आएंगे।"
इस मामले में अब तक करीब 100 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है।
शहर में जनजीवन पहले ही की तरह सामान्य हो गया है हालांकि घटना के बाद यहां सुरक्षा इंतजाम पहले से कड़े कर दिए गए हैं।
शहर के लोगों ने शनिवार सुबह 'निर्भय' नाम से एक रैली निकाली जिसमें स्थानीय निवासियों के अलावा विदेशी और विभिन्न कॉलेजों के छात्र भी शामिल हुए। इन लोगों ने विस्फोट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को जर्मन बेकरी में हुए बम विस्फोट में पांच विदेशियों सहित 17 लोगों की मौत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications