आंध्र बंटा तो तेलंगाना से जुड़ना चाहेंगे रायलसीमा का लोग
हैदराबाद, 10 मार्च (आईएएनएस)। रायलसीमा क्षेत्र के नेताओं ने बुधवार को कहा कि यदि आंध्र प्रदेश का विभाजन अपरिहार्य हो जाता है तो रायलसीमा को तेलगांना के साथ जोड़ देना चाहिए।
विभिन्न दलों के नेताओं ने केंद्र द्वारा गठित श्रीकृष्ण समिति पर अपनी रणनीति बनाने के लिए बैठक की और विभाजन की मांग का जोरदार विरोध किया। साथ ही यह भी मांग उठाई कि यदि विभाजन अपरिहार्य हो जाता है तो रायलसीमा को तेलंगाना के साथ जोड़ दिया जाए।
कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री जे. सी. दिवाकर रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना की सहमति के बिना रायलसीमा को एक बूंद पानी नहीं मिल सकता। बंटवारे से आंध्र क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन हमारे हित सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी नेताओं ने जनता से अपील की कि श्रीकृष्ण समिति के सामने लोग पृथक तेलंगाना की मांग विरोध करें।
दिवंगत मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के भाई वाई. एस. विवेकानंद रेड्डी ने कहा कि इस क्षेत्र का हित एकीकृत राज्य में ही है।
कांग्रेस के विधायक टी. जी. वेंकटेश ने चार जिलों कुरनूल, कड़पा, अनंतपुर और चित्तूर जिलों से मिलकर बने रायलसीमा क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
पृथक तेलंगाना राज्य की मांग पर आम लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से राय लेने के लिए पिछले महीने केंद्र सरकार ने श्रीकृष्ण समिति का गठन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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