महिला आरक्षण विधेयक की मंजूरी को लेकर सरकार आश्वस्त (राउंडअप)

राज्यसभा में विधेयक के पारित हो जाने के बाद सरकार इस आत्मविश्वास में दिखाई दे रही है कि प्रस्तावित विधेयक अगली बाधा भी पार कर जाएगा और कुछ पार्टियों के विरोध के बावजूद लोकसभा में यह विधेयक पारित हो जाएगा।

संसदीय मामलों के मंत्री पी.के.बंसल ने कहा कि यह विधेयक 16 मार्च के पहले लोकसभा में पारित हो जाएगा। उसके बाद संसद में तीन सप्ताह के लिए अवकाश हो जाएगा और संसद की बैठक 12 अप्रैल से फिर शुरू होगी।

बंसल ने आईएएनएस से कहा, "हम 16 मार्च के पहले इस विधेयक को लोकसभा में पारित कराना चाहते हैं।"

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि विधेयक को अगले सप्ताह सदन में पेश करने का निर्णय लेने के लिए लोकसभा की व्यापार सलाहकार समिति शुक्रवार को बैठक करेगी।

तृणमूल कांग्रेस ने विधेयक पर अपनी नाखुशी जाहिर की है। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य मंगलवार को विधेयक पर मतदान के दौरान सदन से अनुपस्थित थे।

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी सैद्धांतिक रूप से इस विधेयक का समर्थन करती है लेकिन लोकसभा में विधेयक को पेश किए जाने पर पार्टी का क्या रुख होगा, इस पर अभी चर्चा किया जाएगा।

दूसरी ओर कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने कहा, "सरकार अपने सभी सहयोगियों का समर्थन हासिल कर लेगी। हम अपने इस परिवार को संभाल लेंगे।"

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल (युनाइटेड) के सदस्यों ने राज्यसभा में विधेयक को पारित होने को लेकर बुधवार को लोकसभा में जमकर हंगामा किया। इस वजह से सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। ये सदस्य राज्यसभा से निलंबित सात सदस्यों का निलंबन वापस लेने की मांग कर थे।

उल्लेखनीय है महिला आरक्षण विधेयक पेश किए जाने के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार करने वाले सात सदस्यों कमाल अख्तर, नंदकिशोर यादव, वीरपाल सिंह यादव, आमिर अली खान, एजाज अली, सुभाष प्रसाद यादव और साबिर अली को मंगलवार को बजट सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित भी कर दिया गया था।

लोकसभा में सपा नेता मुलायम सिंह यादव, राजद नेता लालू प्रसाद यादव और जद (यु) नेता शरद यादव के नेतृत्व में तीनों दलों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध जता रहे सांसद हंगामा करते हुए लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार के आसन के निकट पहुंच गए। ये सदस्य राज्यसभा से निलंबित किए गए सदस्यों की निलंबन वापसी की मांग कर रहे थे।

मुलायम, लालू और शरद ने कहा कि लोकसभा की कार्यवाही तब तक नहीं चलने दी जाएगी, जब तक कि सदस्यों का निलंबन वापस नहीं ले लिया जाता। इस दौरान इन तीनों ने महिला आरक्षण विधेयक में मुस्लिम, दलित और अन्य पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किए जाने की अपनी मांग भी दोहराई।

हंगामा न थमता देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही पहले बारह बजे और फिर दो बजे तक स्थगित कर दी। दो बजे कार्यवाही फिर से आरंभ होने पर भी विरोध कर रहे सांसदों ने हंगामा जारी रखा। इसके बाद लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी पार्टियों ने भी राज्यसभा सदस्यों के निलंबन को वापस लेने की मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सरकार को एक प्रस्ताव लाना चाहिए और निलंबन वापस लेना चाहिए।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने भी जेटली का समर्थन किया। लेकिन संसदीय मामलों के मंत्री बंसल ने कहा कि सरकार निलंबन वापस लेने पर तभी विचार करेगी, जब निलंबित सांसद सभापति से माफी मांग लेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+