पथराव करना गैर इस्लामिक : मुफ्ती मौलाना बशीरउद्दीन
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के सदर मुफ्ती मौलाना बशीरउद्दीन ने विरोध प्रदर्शन के रूप में पथराव करने की संस्कृति को गैर इस्लामी बताते हुए बुधवार को कहा है कि इस तरह की हरकतें धर्म के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
सदर मुफ्ती ने आईएएनएस को यहां बताया, "इस्लाम किसी भी तरह की हिंसा की मनाही करता है। पथराव की संस्कृति पूरी तरह गैर इस्लामी है। यह लोगों के लिए असुविधा खड़ी करती है।"
बशीरउद्दीन जम्मू एवं कश्मीर की शरिया अदालत के प्रमुख और राज्य पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वह इस्लामी कानून पर निर्णय लेने और फतवा जारी करने के लिए अधिकृत हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने पथराव के खिलाफ कोई फतवा जारी किया है, जिसे कुछ अलगाववादी प्रतिरोध के एक तरीके के रूप में उचित ठहराते हैं, इस पर मुफ्ती ने कहा, "मैं जो कह रहा हूं वह मेरी निजी राय नहीं है। मैं सदर मुफ्ती के रूप में यह स्पष्ट कर रहा हूं। जब इस्लाम किसी तरह की हिंसा की वकालत नहीं करता और उसे उचित नहीं ठहराता तो आप पथराव को कैसे उचित ठहरा सकते हैं? मैं हदीस और कुरान के आलोक में ऐसा कह रहा हूं।"
मुफ्ती ने कहा, "इस्लाम शांति और भाईचारे का धर्म है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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