जद (यू) में की विभाजन की आशंका से नीतीश का इनकार (लीड-1)
महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का नीतीश कुमार ने समर्थन किया। इससे जद (यू) में दुविधा की स्थिति पैदा हो गई क्योंकि पार्टी अध्यक्ष शरद यादव इसका विरोध कर रहे हैं। महिला आरक्षण विधेयक मंगलवार को राज्यसभा में पारित हो गया।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ शरद यादव ने महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के भीतर मुस्लिम और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए भी आरक्षण की मांग की।
नीतीश ने पटना में संवाददाताओं से चर्चा में इस मुद्दे पर पार्टी में विभाजन की आशंका से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि जद (यू) में विभाजन की कोई संभावना नहीं है, पार्टी एकजुट है।
पार्टी के 20 में से 17 सांसदों के नई दिल्ली में शरद यादव के आवास पर उनसे मुलाकात करने और उनको समर्थन देने संबंधी एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित खबर के बारे संवाददाताओं के सवाल पर नीतीश ने इसे केवल अटकलबाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी खबरों की अनदेखी करते हैं।
नीतीश ने बहरहाल स्वीकार किया कि महिला आरक्षण विधेयक पर पार्टी में मतभेद हैं और वे केवल वैचारिक हैं। अन्य कोई समस्या नहीं है।
शरद यादव के विरोध के बावजूद राज्यसभा में पार्टी सदस्यों द्वारा विधेयक का समर्थन करने से मंगलवार को जद (यू) के मतभेद सामने आ गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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