स्कूल के पाठ्यक्रम में भागवद् गीता!

ज्ञात हो कि हिन्दूवादी विचारधारा से जुड़े हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य के सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार और योग शिक्षा को अनिवार्य करने की पुरजोर कोशिशें कीं। इसी में अब एक और कोशिश जुड़ने की कवायद शुरू हो गई है। वो यह कि स्कूली पाठ्यक्रम में भागवद् गीता को शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वामी अरगरानंद के आश्रम में उनके 52 वें जन्मदिन के मौके पर यह मंशा जाहिर की। वैसे वे पहले भी कह चुके हैं कि नैतिक शिक्षा के लिए स्कूलों में गीता की पढ़ाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि भागवद् गीता ज्ञान का भंडार है। इसे पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। हालांकि सरकार इस मामले में जल्दबाजी नहीं करेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने एक समिति भी गठित की है।












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