आश्रम भगदड़ : 61 की मौत, जांच के आदेश (राउंडअप)

राज्य सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे मामले की जांच इलाहाबाद के मंडलायुक्त को सौंपी गई है और उन्हें 24 घंटे में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने 35 बच्चों और 26 महिलाओं की मौत की पुष्टि की है। सिंह ने कहा कि 64 घायलों को इलाहाबाद और प्रतापगढ़ के अस्पतालों में भर्ती कराया जिसमें से 36 को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार चल रहा है।

सिंह ने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा देने का फैसला प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राहत व बचाव कार्य के निरीक्षण के लिए राज्य सरकार के दो मंत्रियों स्वामी प्रसाद मौर्या और नसीमुद्दीन सिद्दीकी को मौके पर भेजा है।

अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इस भगदड़ के लिए आपराधिक मामला दर्ज करने को कहा है।

इस बीच कृपालु महराज ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि मैं इस घटना को लेकर बहुत दुखी हूं। उन्होंने घटना से पल्ला झ्झाड़ते हुए कहा कि हमेशा आश्रम में कम लोग आते थे, आज पता नहीं क्यों ज्यादा भीड़ आश्रम के बाहर सड़क पर एकत्र हो गई थी। भगदड़ आश्रम परिसर के बाहर हुई है। महाराज ने कहा कि मेरे सत्संगियों की तरफ से घायलों को मदद कर उन्हें अस्पतालों में पहुंचाया गया।

उन्होंने घोषणा की कि आश्रम ट्रस्ट की तरफ से मृतकों के परिजनों को पचास हजार रुपये और घायलों को दस हजार रुपये की मदद दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जिले के प्रतापगढ़ से 60 किलोमीटर दूर कुंडा के पास मनगढ़ में कृपालु महाराज के आश्रम स्थित मंदिर में उनकी पत्नी के श्राद्ध पर भंडारे का कार्यक्रम था, जिसमें लोगों को खाना खिलाया जा रहा था और कपड़े वितरित किए जा रहे थे। इस कार्यक्रम में करीब 8 से 10 हजार लोग एकत्रित हुए थे। आश्रम का मुख्य द्वार, जो कि काफी बड़ा और ऊंचा है, के गिरने से यह भगदड़ मची।

इससे पहले प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक महेश मिश्रा ने संवाददाताओं से 63 लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कई घायलों को कृपालु महाराज के ही आश्रम स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मिश्रा ने कहा कि आश्रम प्रशासन की तरफ से इस आयोजन के संबंध में जिला प्रशासन से न तो कोई सुरक्षा मांगी गई थी और न ही प्रशासन को इसे बारे में सूचित किया गया था। मिश्रा ने साफ किया कि यह आश्रम का निजी कार्यक्रम था।

आश्रम के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा कि प्रथम दृष्टया सामने आया है कि इतनी भीड़ को संभालने के लिए आश्रम प्रशासन की तरफ से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि जांच जारी है। कार्रवाई अवश्य की जाएगी।

इस बीच, श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि आश्रम प्रशासन की तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। आश्रम के सभी द्वार बंद कर दिए गए थे और केवल एक ही द्वार को खोला गया था।

एक प्रत्यक्षदर्शी अधिवक्ता वी. के. राय, जो भगदड़ में जख्मी हो गए हैं, ने आईएएनएस को बताया कि जिस समय भगदड़ मची उस समय हम लोगों को लगा कि जैसे कोई आतंकी हमला हो गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+