प्रवासी भारतीयों के मताधिकार के लिए प्रयास जारी
रवि ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि विधेयक में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (1950 का 43) की धारा 20 में संशोधन करने का प्रावधान है ताकि भारतीय नागरिक जो देश से बाहर हैं और अपने रोजगार, शिक्षा अथवा अन्यथा के कारण भारत में अपने सामान्य निवास स्थान से अनुपस्थित हैं, भारत में अपने सामान्य निवास के चुनाव क्षेत्र की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकें जिससे कि वे संसदीय, राज्य चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
विधेयक 26 मार्च, 2006 को जांच करने और अपनी रिपोर्ट देने के लिए कार्मिक, लोक शिकायत और विधि और न्याय विभाव संबंधी संसदीय स्थायी समिति को भेज दिया गया था।
समिति ने इस विषय पर अपनी 16वीं रिपोर्ट राज्यसभा को भेज दी थी। यह लोकसभा में 4 अगस्त, 2006 को रखी गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिद्घांतिक तौर पर संशोधन पर सहमति व्यक्त करते हुए इस विषय पर एक व्यापक विधेयक लाने की सिफारिश की है जिसमें प्रवासी भारतीयों के नामांकन के स्वरूप, मतदान के तरीके और चुनाव लड़ने की शतोर्ं के बारे में सभी ब्योरा हो। विधि और न्याय मंत्रालय में विधायी विभाग एक विधेयक के प्रारूप पर कार्य कर रहा है जिसे मंत्रिमंडल के अनुमोदन के बाद संसद में पेश किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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