जनगणना में बिना दोहराव सभी लोग शामिल हों : चिदंबरम
चिदम्बरम गुरुवार को यहां भारत की जनगणना 2011 और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी के विषय पर राज्य समन्वयकों, जिला मजिस्ट्रटों, कलेक्टरों, उप-आयुक्तों के अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी तैयार करने का कार्य इस वर्ष पहली अप्रैल से शुरू होगा। दुनिया में कहीं भी किसी भी सरकार ने एक अरब से अधिक लोगों को गिनने, पहचान करने तथा पहचान पत्र जारी करने का प्रयास नहीं किया है।
गृहमंत्री ने कहा कि देश की विशालता और जटिलता के मद्देनजर यह कार्य आसान नहीं है। हालांकि जनगणना करने में भारत को महत्वपूर्ण अनुभव हासिल है लेकिन राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी पहली बार तैयार की जा रही है।
इस कार्य में 35 राज्यों, 640 जिलों, 5767 तहसीलों, 7742 कस्बों, 6,08,786 गांवों, 24 करोड़ परिवारों तथा एक अरब 20 करोड़ की आबादी शामिल होगी। 25 लाख से अधिक कर्मचारी यह कार्य करेंगे। जनगणना में 2200 करोड़ रूपये तथा राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी तैयार करने में 3756 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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