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उप्र के मंत्री ने फिर किया पुल का उद्घाटन, हजारों कांग्रेसी गिरफ्तार

By Staff
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कांग्रेसी नेताओं ने तमाम विरोधों के बीच पीडब्ल्यूडी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और प्रदेश बसपा अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में पंचायती राज मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या डलमऊ पहुंचे और पुल का फिर से विधिवत उद्घाटन किया। इस मौके पर पुल का नामकरण कर इसे अंबेडकर डलमऊ गंगा सेतु नाम दिया गया।

उधर बसपा सरकार के मंत्रियों के उद्घाटन का विरोध करने के लिए रायबरेली शहर से 30 किलोमीटर दूर स्थित डलमऊ कूच कर रहे स्थानीय कांग्रसी विधायकों और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव के.एल.शर्मा और मनोज मट्टू को रायबरेली पुलिस ने शहर में ही गिरफ्तार कर लिया।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि इन नेताओं के अलावा जिले के अलग-अलग इलाकों से डलमऊ जा रहे करीब 10 हजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दमनात्मक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया।

सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन मुख्यमंत्री एवं बसपा प्रमुख मायावती के इशारे पर कांग्रेसियों पर जुल्म कर रहा है।

कांग्रेसियों का आरोप है कि सोनिया गांधी को केंद्र सरकार के धन से निर्मित इस पुल के उद्घाटन से रोकने के लिए मायावती की तरफ से यह कदम उठाया गया है।

इससे पहले नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बुधवार को झ्झटपट आनन-फानन में लखनऊ स्थित पीडब्ल्यूडी अतिथि गृह में प्लास्टिक का शिलापट लगाकर डलमऊ पुल का औपचारिक उद्घाटन कर दिया था। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि इस पुल का उद्घाटन अचानक नहीं हो रहा है। यह कार्यक्रम राज्य सरकार पहले ही निर्धारित कर चुकी थी।

वहीं बुधवार को डलमऊ पुल का जाएजा लेने जा रहे केंद्रीय भूतल परिवहन राज्य मंत्री आर.पी.एन.सिंह को रायबरेली जिला प्रशासन ने रास्ते में मुंशीगज (30 किलोमीटर पहले) में ही रोक दिया और आगे जाने नहीं दिया था।

सिंह के मुताबिक उनके मंत्रालय (केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय) ने गत 17 फरवरी को ही उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर सूचित कर दिया था कि मार्च के दूसरे सप्ताह में रायबरेली सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी डलमऊ पुल का उद्घाटन करेंगी।

उनका दावा था कि इस पुल के निर्माण में राज्य सरकार का एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। केंद्र सरकार ने पैसा उस समय अवमुक्त किया जब उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार ही नहीं थी। ऐसे में उद्घाटन करने का उनको नैतिक हक नहीं है।

वहीं उत्तर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री का तर्क था कि इस पुल में केंद्र सरकार के 30 करोड़ रुपये के अलावा राज्य सरकार ने भी अपना पैसा खर्च किया है।

मालूम हो कि रायबरेली जिले को फतेहपुर जिले से जोड़ने वाले गंगा नदी पर निर्मित डलमऊ पुल की लंबाई 1025 मीटर है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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