गरीबी और भूख से विधवा की मौत
नोआब प्रखंड के बडढा गांव निवासी 32 वर्षीय बेबी खातून की मौत मंगलवार को सुबह हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि बेबी की मौत का मुख्य कारण उसकी गरीबी थी।
कैमूर जिला परिषद के उपाध्यक्ष रौशन आरा का कहना है कि विधवा बेबी की मौत गरीबी और भूख के कारण हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि उसकी गरीबी को देखते हुए कई बार जिला प्रशासन को कहा गया परंतु उन्होंने कोई कारगर पहल नहीं की।
उल्लेखनीय है कि बेबी का मुख्य कार्य लोगों के कपड़े धोने का था। पहले उसके पति मसिन भी यही कार्य करते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि मसिन की मौत पूर्व इस परिवार को गरीबी रेखा के नीचे रहने के कारण जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत दुकान से लाल कार्ड के तहत राशन मिल जाता था परंतु वह लाल कार्ड भी उसके मरने के बाद जमा करा लिया गया था। इसके बाद तीन बच्चों के साथ अपना पेट चलाना बेबी के लिए मुश्किल हो गया था।
कैमूर जिला के आपूर्ति पदाधिकारी एवं ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक राजेन्द्र प्रसाद इस मामले पर जांच करवाने की बात कहते हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला गरीबी और भूख का नहीं लगता है परंतु इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। वे ये भी कहते हैं कि अगर यह मामला सही पाया गया तो इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कारवाई की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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