आम बजट: 1.60 लाख रुपये की आय कर मुक्त
- एक लाख 60 हजार रुपये की वार्षिक आय कर से मुक्त
- पांच लाख रुपये तक की आय पर 10 फीसदी कर
- पांच से आठ लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी और आठ लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी कर लगेगा
- आयकर रिटर्न फार्म को और आसान बनाया जाएगा
- वर्ष 2010-11 में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जो वर्ष 2009-10 की तुलना में एक फीसदी अधिक है
- बेंगलुरू के अलावा को दो अन्य जगहों पर केंद्रीकृत कर प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना
- असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए 1000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना
- राष्ट्रीय पेंशन योजना तहत कामगारों को खाता खोलने के लिए 1,000 रुपये दिए जाएंगे
- कपड़ा क्षेत्र के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम
- महिला एवं बाल विकास की योजनाओं के आवंटन में 50 फीसदी का इजाफा
- सामाजिक न्याय मंत्रालय के लिए 4,500 करोड़ रुपये का आवंटन
- अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के लिए 2,600 करोड़ रुपये का आवंटन
- भारतीय विशेष पहचान पत्र प्राधिकरण के लिए 1,900 करोड़ रुपये
- रक्षा बजट के लिए 147,344 करोड़ रुपये
- केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए 2,000 जवानों की भर्ती
-खाद्यान्न सुरक्षा विधेयक तैयार हो चुका है और उसे सार्वजनिक किया जाएगा
-प्राथमिक शिक्षा के लिए आवंटन 26,800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 31,300 करोड़ रुपये
-2,000 और इससे अधिक जनसंख्या वाले सभी इलाकों में बैंकिंग सुविधा
-वर्ष 2010-11 में ग्रामीण विकास के लिए 66,100 करोड़ रुपये का आवंटन, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 40,100 करोड़ रुपये, भारत निर्माण के लिए 48,000 करोड़ रुपये
-झुग्गी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तैयार राजीव आवास योजना के लिए 1,270 करोड़ रुपये का आवंटन, इसमें 700 फीसदी की वृद्धि की गई है
- अप्रैल-दिसंबर 2009 के बीच विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 20.9 अरब डॉलर रहा।
- एफडीआई नीति को और आसान बनाने का प्रस्ताव।
- बैंकिंग क्षेत्र के लिए उच्चतम स्तरीय वित्तीय स्थिरता परिषद का गठन
- भरतीय बैंक संगठन निजी क्षेत्र को अतिरिक्त लाइसेंस देंगे
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए अग्रणी पूंजी का प्रावधान
- अगले छह माह में सार्वजनिक कर्ज कम करने का रोडमैप तैयार
- अप्रैल 2011 से प्रत्यक्ष कर कोड लागू होगा
- सरकार बिक्री कर का नया ढांचा तैयार करने में जुटी है, और इसके अप्रैल 2011 में लागू किए जाने की आशा
- वर्ष 2009-10 में विनिवेश से 35 हजार करोड़ रुपये इकट्ठा हुए जो वर्ष 2010-11 में इससे ज्यादा होगा
- अप्रैल 2010 से नई उर्वरक नीति, इससे उत्पादकता बढ़ेगा और किसानों की आय बढ़ेगी
- वर्ष 2009-2010 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में स्थिरता आई, दूसरी तिमाही में इसने मजबूत वापसी की, तीसरी और चौथी तिमाही के आंकड़ों को देखने के बाद विकास की दर 7.2 फीसदी या उससे ऊपर रहेगी
-जनवरी में निर्यात के आंकड़ें उत्साहजनक थे
- 10 फीसदी की विकास दर हासिल करना बहुत दूर की चीज नहीं है
- खाद्यान्न महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं
- प्रोत्साहन पैकेजों की समीक्षा की जरूरत, विकास को ज्यादा विस्तृत बनाने की जरूरत
-भारत ने वैश्विक आर्थिक संकट से बेहतर तरीके से निपटा, देश की अर्थव्यवस्था एक वर्ष पूर्व की तुलना में काफी बेहतर
- वर्ष 2009 में देश की अर्थव्यवस्था ने अनिश्चितता का सामना किया, दक्षिणी पश्चिमी मानसून में देरी के कारण कृषि उत्पादन पर असर पड़ा
-अब पहली चुनौती नौ फीसदी की विकास दर को हासिल करना है। इसके बाद विकास दर दहाई अंकों में पहुंचाना है
-दूसरी चुनौती विकास को समग्र बनाना है, खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाना होगा
- तीसरी चुनौती सरकारी जन वितरण प्रणाली की कमजोरियों से निपटना है, इस दिशा में लंबी दूरी तय किया जाना है
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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