'घोटाले' की जेपीसी जाँच की माँग

इसकी जाँच के लिए उन्होंने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की माँग की. कृषि मंत्री शरद पवार को ख़ासकर निशाना बनाते हुए सुषम स्वराज ने कहा, “उन्हें (शदर पवार) हँसने दीजिए. उनकी मुस्कुराहट मत देखिए. उन लोगों के आँसू देखिए जो सरकार की ग़लत नीतियों के कारण कष्ट झेल रहे हैं."
सुषमा स्वराज ने कहा कि बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने में सरकारी बिल्कुल नाकाम रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण गेहूँ, धान, चीनी, दाल आदि सबकी कीमतें दोगुनी हो गई हैं. फ़िल्मी अंदाज़ में सुषमा स्वराज ने कहा कि इधर का माल उधर करना- सरकार यही करती है और इसकी जाँच होनी चाहिए.
इस बीच गुरुवार को ही संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया जिसमें चेतावनी दी गई है कि पहले से बढ़ रही महँगाई अगले कुछ महीनों में और बढ़ सकती है. इस सर्वेक्षण में खाद्य पदार्थों की प्रबंधन नीतियों, विशेष तौर पर चीन जैसी खाद्य सामग्री के बढ़ते दाम की आलोचना की गई है. पिछले कई महीनों से खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इस समय खाद्य पदार्थों री महँगाई की दर 18 प्रतिशत है.












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