परमाणु हथियार बनाने से ईरान का इनकार

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई ने कहा है कि उनका देश परमाणु हथियारों में विश्वास नहीं रखता है और न ही ऐसा हथियार बनाना चाहता है.
उन्होंने कहा कि कुछ पश्चिमी नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं जिनका कोई मतलब नहीं है.
इससे पहले परमाणु मामलों पर निगरानी रखने वाले संयुक्त राष्ट्र संगठन आईएईए ने पहली बार कहा कि ईरान की गतिविधियों से लगता है कि वो शायद परमाणु हथियार बना रहा हो.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का कहना है कि हो सकता है कि वर्तमान और पूर्व में हुई गतिविधियों का मकसद मिसाइल के लिए परमाणु युद्धपोत बनाना है. ये जानकारी आईएईए की लीक हुई एक गुप्त रिपोर्ट से मिली है.
इस बात की भी पुष्टि हुई है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का काम काफ़ी आगे बढ़ा लिया है.
ईरान इस बात का खंडन करता रहा है कि वो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.
नए निदेशक यूकिया अमानो के तहत ईरान पर बनाई गई ये आईएईए की पहली रिपोर्ट है और मार्च में होने वाली बैठक में इसे गर्वनिंग बॉडी के सामने रखा जाएगा.
उधर व्हाइट हाउस ने कहा है कि रिपोर्ट दर्शाती है कि ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्व ठीक से नहीं निभा रहा और उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे.
प्रतिबंध
वियना में बीबीसी संवाददाता बेथनी बेलल का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि आईएईए ने ईरान की उन गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं जिनके बारे में आशंका जताई गई थी कि ये परमाणु मिसाइल बनाने की तैयारी है.
रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि ईरान ने ऐसा यूरेनियम तैयार कर लिया है जो 20 फ़ीसदी संवर्धित है. अब तक ऊर्जा स्टेशनों में ईरान ने 3.5फ़ीसदी संवर्धित यूरेनियम बनाया था.
अमरीका ने ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंधों की माँग की है और उसे ब्रिटेन और फ़्रांस का समर्थन हासिल है. रूस ने ईरान से अपील की है कि वो पूर्व में हुए समझौतों को माने.
लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य चीन को राज़ी करना होगा कि चौथी बार प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव का वो विरोध न करे.












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