महंगाई पर भाजपा ने फिर केंद्र को कोसा

BJP meet

इक़बाल अहमद
बीबीसी संवाददाता, इंदौर

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के आख़िरी दिन भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की तीखी आलोचना की है. उन्होंने घोषणा की है कि महंगाई के मुद्दे पर भाजपा ने सरकार का संसद से सड़क तक विरोध करने का फ़ैसला किया है.

दूसरी तरफ़ पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने संबोधन में राजनीतिक मूल्यों में गिरावट, परिवारवाद और मीडिया की रिपोर्टिंग को निशाना बनाया है.

राजनीतिक पार्टियों में परिवारवाद और पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र का ज़िक्र करत हुए आडवाणी ने कहा, "जिस तरह से नितिन गडकरी को पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है वो सिद्ध करता है कि भाजपा (पार्टी विद ए डिफ़रेंस) एक अलग और विशेष पार्टी है."

उन्होंने दुख जताते हुए कहा, "कांग्रेस की देखादेखी देश की दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने भी योजनाबद्ध तरीक़े से अपने यहाँ परिवारवाद को अपना लिया है." इंदौर में पार्टी का आर्थिक प्रस्ताव पेश करते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा कि 2004 में यूपीए को मज़बूत अर्थव्यस्था मिली थी लेकिन इस सरकार ने अपनी ग़लत नीतियों से समस्याएँ पैदा की हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए वैश्विक आर्थिक संकट को ज़िम्मेदार बता रही है. उनका कहना था कि इस बहाने सरकार ने आर्थिक पैकेज के नाम पर सरकारी ख़ज़ाना खोल दिया है.

केंद्र सरकार पर आरोपों की बौछार लगाते हुए पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा, "आर्थिक पैकेज देने से यूपीए का राजनीतिक स्वार्थ तो पूरा हो गया लेकिन सरकार का घाटा बहुत बढ़ गया है जिससे महंगाई बढ़ी है. भाजपा ने इस मामले पर संयुक्त संसदीय समिति की जाँच की माँग की है."

उन्होंने कहा कि इसके लिए सोनिया गांधी सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं. उनका कहना था कि कांग्रेस केंद्रीय कृषि मंत्री 'पवार को दोषी ठहराती है तो पवार कांग्रेस को.....ये तो मज़ाक है.'

राष्ट्रीय अधिवेशन में भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता हिस्सा रहे हैं. इनमें पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और लालकृष्ण आडवाणी शामिल है.

ये अधिवेशन ऐसे समय हो रहा है कि जब पिछले साल ही पार्टी को लोक सभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है और पार्टी में अंतर कलह की बातें बाहर आने लगीं. तीन दिवसीय बैठक में नितिन गडकरी को औपचारिक तौर पर पार्टी अध्यक्ष चुना गया. इस तरह पार्टी की कमान लाल कृष्ण आडवाणी के हाथों से निकलर युवा नेताओं के हाथ में चली गई है.

इससे पहले गुरुवार को अपने भाषण में नितिन गडकरी ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी क्योंकि ये सूचना प्रौद्योगिकी और बायो टेक्नोलॉजी का दौर है जिसमें भारत दूसरे देशों से बहुत आगे है. अपने भाषण के बिल्कुल अंत में उन्होंने राम मंदिर का ज़िक्र करते हुए कहा था कि राम मंदिर हमारी आत्मा है लेकिन मंदिर बनाने के लिए उन्होंने मुसलमानों से अनुरोध किया के वे ख़ुद आगे आएँ.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+