सुरक्षा से समझौता कर रही है सरकार
इक़बाल अहमद
बीबीसी संवाददाता, इंदौर
प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया है.
इंदौर में चल रहे भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी महासचिव अरुण जेटली ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रस्ताव रखते हुए ये बातें कहीं.
प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान बातचीत को भी पार्टी ने कमज़ोरी की निशानी बताते हुए केंद्र सरकार से इसे स्थगित करने का अनुरोध किया है.
भाजपा के मुताबिक़ वर्ष 2004 से केंद्र में सत्तारूढ़ यूपीए सरकार ने देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनीतिक कारणों से ऐसे कई फ़ैसले किए हैं, जिससे देश को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति में भाजपा आह्वान करती है कि इस देश का जनमत पार्टी को बनाना पड़ेगा क्योंकि एक राष्ट्रवादी दल होने के नाते देश की सुरक्षा की चिंता उन्हें सबसे ज़्यादा है.
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चरमपंथी हमलों के बाद केंद्र सरकार यूपीए और ग़ैर यूपीए राज्य सरकारों में भेद भाव करती है.
चेतावनी
मोदी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र ये गंभीर भूल ना करे, आतंकवादियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में देश का स्वर एक होना चाहिए. दिल्ली का स्वर एक और राज्यों का स्वर दूसरा-ये आतंकवादियों को ताक़त देता है.
इससे पहले गुरुवार की सुबह पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी की औपचारिक ताजपोशी की गई.
अपने अध्यक्षीय भाषण में गडकरी ने कहा की 21वीं सदी भारत की सदी होगी क्योंकि ये सूचना प्रौद्योगिकी और बायो टेक्नोलॉजी का दौर है जिसमें भारत दूसरे देशों से बहुत आगे है.
बढ़ती महंगाई के लिए सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने इसके ख़िलाफ़ देशव्यापी अभियान चलाने की बात की.
पार्टी में चाटुकारिता की प्रवृति से बाज़ आने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं से यहाँ तक कह दिया कि किसी का पैर छूना भी लाचारी का प्रतीक है.
अपने भाषण के बिलकुल अंत में उन्होंने राम मंदिर का ज़िक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर हमारी आत्मा है लेकिन मंदिर बनाने के लिए उन्होंने मुसलमानों से अनुरोध किया के वे ख़ुद आगे आएँ.
उन्होंने कहा, "मैं मुसलमान भाइयों से अपील करता हूँ. ये हिंदुस्तान की जनता की अस्मिता का प्रतीक है कि अयोध्या में राम मंदिर होना चाहिए, मैं सभी की तरफ़ से मुसलमानों से अपील करता हूँ कि केवल राम मंदिर के लिए उतनी जगह दे दीजिए."
नितिन गडकरी ने कहा कि अगर बगल में कोई जगह होगी तो भव्य मस्जिद बनाने के लिए वे मुसलमानों से ज़रूर सहयोग करेंगे.












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