ओबामा ने किया तिब्बतियों के मानवाधिकारों और धार्मिक आजादी का पुरजोर समर्थन
वाशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। चीन की आपत्तियों को दरकिनार कर तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा से भेंट करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तिब्बत की जनता के मानवाधिकारों और धार्मिक आजादी का पुरजोर समर्थन किया है। वैसे उन्होंने चीन के साथ सीधी बातचीत को भी प्रोत्साहन दिया।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव रॉबर्ट गिब्स ने गुरुवार को दोनों नेताओं के बीच हुई इस वार्ता के बाद कहा, "राष्ट्रपति ने तिब्बत की अनूठी धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषायी पहचान को बचाए रखने तथा चीन में तिब्बतियों के मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।"
व्हाइट हाउस के आवासीय खंड के मैप रूम में दलाई लामा के साथ घंटे भर चली मुलाकात के बाद ओबामा ने दलाई लामा के मध्यममार्गी रुख, अहिंसा के लिए प्रतिबद्धता और चीन सरकार से वार्ता के प्रयास की सराहना की।
गिब्स ने कहा, "राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि वह दोनों पक्षों को निरंतर इस बात के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं कि वे प्रत्यक्ष वार्ता करें और हाल में वार्ता बहाली पर उन्होंने खुशी जाहिर की।"
ओबामा और दलाई लामा ने अमेरिका और चीन के बीच सकारात्मक एवं सहयोगकारी संबंधों के महत्व पर सहमति जाहिर की। ओबामा गत वर्ष भी दलाई लामा से मुलाकात करना चाहते थे लेकिन चीन दौरे को देखते हुए उन्होंने तिब्बती धर्मगुरु से मुलाकात नहीं की थी।
ओबामा व्हाइट हाउस के ओवल हाउस के स्थान पर मैप रुम में दलाई लामा से मुलाकात की। माना जा रहा है कि ओबामा इस मुलाकात को आधिकारिक रूप नहीं देना चाहते थे। मुलाकात कक्ष में कैमरे के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी गई। व्हाइट हाउस ने सिर्फ एक आधिकारिक तस्वीर जारी की।
ओबामा के बाद दलाई लामा ने अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से भी भेंट की। विदेश विभाग ने भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में दलाई लामा ने कहा कि उन्होंने मानवीय मूल्यों, धार्मिक सहिष्णुता, दुनिया भर में महिलाओं का व्यापक नेतृत्व, तिब्बती जनता के बारे में ओबामा से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओबामा का रवैया बहुत सहयोगकारी था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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