बिच्छू के जहर से बनाई जा सकती है दर्द निवारक दवा
तेल अवीव विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर माइकल गुरेवित्ज ने बिच्छू में मौजूद प्राकृतिक यौगिकों के इस्तेमाल से एक दर्द निवारक दवा विकसित करने के तरीके पर काम कर रहे हैं।
गुरेवित्ज ने बताया कि ये यौगिक शरीर के कुछ घटकों पर प्रभावी असर करते हैं।
उन्होंने बताया कि तंत्रिका और मांसपेशी तंत्र में पाए जाने वाले सोडियम में माध्यम से दर्द का पता चलता है और इन सोडियमों से बिच्छू में मौजूद विष 'पेप्टाइट' से संकर्प करता है।
गुरेवित्ज ने कहा, "स्तनधारी जीवों के शरीर में नौ विभिन्न सोडियम चैनल होते हैं जिसमें एक के माध्यम से मस्तिष्क को दर्द का अहसास होता है।"
प्रोफेसर ने कहा, "हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह से विष को उस खास सोडियम चैनल तक पहुंचाया जाए।"
गुरेवित्ज के अनुसार अगर माध्यम का पता चल जाए तो बिच्दू के जहर को थोड़ा संशोधित कर दर्द निवारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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