कृषि और उद्योग का संयुक्त उद्यम बनाने का समर्थन
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के 48वें दीक्षांत समारोह में यहां पाटील ने कहा, "उद्योग-कृषि का संयुक्त उद्यम वरदान साबित हो सकता है।"
पाटील ने कहा, "मैं मानती हूं कि कृषि देश में सबसे बड़ा निजी उद्यम है। ऐसे में कृषि और उद्योग क्षेत्र को एक साथ मिल कर काम करने के कई सारे लाभ हैं। कृषि को बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उपकरण जैसे बुनियादी संसाधनों की जरूरत होती है।"
राष्ट्रपति ने आगे कहा, "कृषि उत्पादों के तैयार हो जाने के बाद उसके विपणन और खाद्य प्रसंस्करण की आवश्यकता होती है। यहां ऐसी कई सारी गतिविधियां हैं, जहां उद्योग किसानों को एक साझेदार के रूप में अपने साथ जोड़ सकता है।"
पाटील ने कहा, "मैं इस बात से खुश हूं कि इस मुद्दे पर कुछ काम और सोच-विचार शुरू हो गया है। इसमें कृषि संस्थाओं के साथ ही औद्योगिक व व्यापारिक संघ हिस्सा ले रहे हैं। देश की कृषि में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिला किसानों को इसमें हर हाल में शामिल किया जाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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