विदेशी छात्रों के लिए अंग्रेजी की कड़ी परीक्षा के खिलाफ है कैम्ब्रिज
लंदन, 11 फरवरी (आईएएनएस)। ब्रिटेन में अंग्रेजी भाषा की परीक्षा आयोजित करने वाले सबसे बड़े परीक्षा बोर्ड कैम्ब्रिज ईएसओएल ने सरकार की विदेशी छात्रों के लिए अंग्रेजी भाषा की कठिन परीक्षा आयोजित करने की योजना पर चिंता व्यक्त की है। बोर्ड का कहना है कि जरूरी नहीं है कि इस तरह के प्रयास से फर्जी छात्रों का प्रवेश रुक जाएगा।
दुनिया के इस प्रमुख भाषा निर्धारक बोर्ड का कहना है कि ब्रिटिश मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस दिशा में उच्च स्तरीय सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण वाली परीक्षा प्रणाली ही अपनाई जाए।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के इस परीक्षा बोर्ड ने चेतावनी दी है कि गृह मंत्री एलेन जॉनसन द्वारा बुधवार को विदेशी छात्रों पर लगाए गए प्रतिबंधों की घोषणा से ब्रिटेन में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले फर्जी छात्रों को रोका नहीं जा सकता है।
कैम्ब्रिज ईएसओएल के सीईओ डॉ. माइकल मिलेनोविक कहते हैं, "हमें एक अच्छी तरह काम करने वाली छात्र वीजा प्रणाली की आवश्यकता है लेकिन विशेष तौर पर अंग्रेजी भाषा की कम योग्यता वाले छात्रों द्वारा इस प्रणाली का उल्लंघन करने के प्रमाण बहुत कम हैं।"
जॉनसन ने कहा था कि छह महीने या उससे लंबे समय तक चलने वाले कोर्सों में प्रवेश लेने के लिए ब्रिटेन आने वाले विदेशी छात्रों को यह बताना होगा कि उनकी अंग्रेजी 'कॉमन यूरोपियन फ्रेमवर्क ऑफ रिफरेंस' के कम से कम बी1 स्तर के बराबर है।
जॉनसन ने घोषणा की थी कि अंग्रेजी भाषा की योग्यता के आधार पर फर्जी छात्रों के ब्रिटेन में प्रवेश को रोका जाएगा।
मिलेनोविक कहते हैं कि भाषा की योग्यता मापने से फर्जी विदेशी छात्रों को रोकने में मदद मिल सकती है लेकिन इसके लिए मूल्यांकन प्रक्रिया के प्रबंधन के लिए कठोर प्रणाली होना चाहिए।
कैम्ब्रिज ईएसओएल प्रति वर्ष 130 से अधिक देशों के करीब 30 लाख छात्रों की अंग्रेजी भाषा की परीक्षा लेता है। ब्रिटिश संस्थानों में चीन के बाद दूसरे नंबर पर भारत के छात्रों की सबसे अधिक संख्या है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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