'माई नेम इज खान' को लेकर सरकार और शिव सैनिक आमने-सामने (राउंडअप)
फिल्म के प्रदर्शन के ठीक 48 घंटे पहले बुधवार को इसके विरोध में शिव सेना ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया। सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स पर हमले करने के आरोप में पुलिस ने 1,000 से अधिक शिव सेना कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल किए जाने की वकालत करने के बाद से ही शाहरुख शिव सेना के निशाने पर हैं।
शिव सेना नेता मनोहर जोशी ने कहा कि शाहरुख को अपने बयान के लिए माफी मांगनी ही पड़ेगी। पार्टी इस मामले में जो कर रही है वह देश हित में है।
शिव सेना के इस रुख को देखते हुए राज्य सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि वह शिव सेना की धमकियों से पीछे नहीं हटने वाली है और वह हर हाल में कानून व्यवस्था बनाए रखेगी।
मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "सभी को सुरक्षा देना सरकार का कर्तव्य है। हम इसका पालन करेंगे। किसी को कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
गृह राज्यमंत्री रमेश बाग्वे ने कहा कि यदि किसी ने कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगाी।
इस बीच मुंबई पुलिस ने दिशा निर्देश जारी किया है कि सभी सिनेमाघरों में सीटों की पहली तीन पंक्तियां सुरक्षाकर्मियों के लिए रखी जाएंगी। सभी सिनेमाघरों के अंदर और बाहर क्लोज सर्किट कैमरे रहेंगे और सभी घटनाओं को रिकार्ड किया जाएगा। साथ ही सभी दर्शकों के पहचान पत्र जांच किए जाएंगे।
शिव सेना के हिंसक रुख को देखते हुए बुधवार दोपहर सिनेमा घरों ने अग्रिम बुकिंग बंद कर दी लेकिन पुलिस और प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद देर शाम कुछ सिनेमा घरों ने अग्रिम बुकिंग फिर से आरंभ कर दी।
विरोध प्रदर्शनों की वजह से बुधवार को पीवीआर और सिनेमैक्स मल्टीप्लेक्स मालिकों ने दोपहर के वक्त टिकटों की अग्रिम बुकिंग रोक दी थी। इसी तरह एकल पर्दे वाले थियेटरों जैसे मुलुंड स्थित मेहुल और घाटकोपर स्थित श्रेयस में भी बुकिंग रोक दी गई।
मेहुल थियेटर के एक अधिकारी प्रमोद माधव ने कहा, "फिल्म के प्रदर्शन के संबंध में कुछ भी निश्चित नहीं है। हमें गुरुवार तक इस विषय में नई जानकारी मिलने की उम्मीद है लेकिन अभी अग्रिम बुकिंग रोक दी गई है।"
फन रिपब्लिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल कपूर ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारियों ने हमें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। इसे देखते हुए हमने फिर से अग्रिम बुकिंग आरंभ कर दी है। हम पूरे मामले की कड़ी निगरानी रख रहे हैं।"
शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने आज उन सिनेमाघरों को निशाना बनाया जहां फिल्म 'माई नेम इज खान' प्रदर्शित होने वाली है। मुंबई पुलिस ने बुधवार को बताया कि सुबह तक 1,023 शिवसेना कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार इन सभी को दंगा फैलाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने और अतिक्रमण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
मुंबई पुलिस द्वारा 63 सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स में सुरक्षा का आश्वासन देने के बावजूद शिव सेना कार्यकर्ता वहां तोड़-फोड़ कर रहे हैं और फिल्म के होर्डिग्स फाड़ रहे हैं। यहां फिल्म शुक्रवार को प्रदर्शित होगी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) हिमांशु रॉय ने बुधवार को कहा, "हम इसे फिल्म के प्रदर्शन के लिए खतरे के रूप में नहीं देख रहे हैं, बल्कि यह कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए खतरा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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