मप्र में आदर्श नर्सरी स्कूल में बदलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र
प्रदेश में इस अभियान की शुरुआत महिला बाल विकास विभाग ने राज्य शिक्षा केंद्र और यूनिसेफ के सहयोग से की है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए उन केंद्रों का चयन किया गया है जहां नामांकन दर न्यूनतम है।
चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों का समय प्रतिदिन छह घंटे तय किया गया है। इसमें दो घंटे का समय शाला पूर्व शिक्षा के लिए होगा। इसमें बच्चों में भाषाई विकास, शारीरिक विकास, बौद्घिक, रचनात्मक, सहयोगात्मक, सामाजिक विकास और संवेगात्मक विकास को शामिल किया गया है। इन केंद्रों में माह के अंतिम शनिवार को बाल सभा का आयोजन किया जाएगा जिसमें बच्चों के अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा।
योजना के मुताबिक पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक जिले के 200 आंगनबाड़ी केंद्रों और कुल मिलाकर प्रदेश के 10 हजार केंद्रों को मॉडल केंद्रो के रूप मे विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 2200 पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले प्रशिक्षण के मॉडल उपलब्ध कराए जा चुके है। साथ ही राज्य शिक्षा केंद्र के सहयोग से 69240 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन को आकर्षक बनाने और आदर्श आंगनबाड़ी नर्सरी केंद्र के लिए आवश्यक सामग्री किट के रूप में यूनिसेफ द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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