गिरफ़्तारी के बाद विपक्ष में विचार-विमर्श

गिरफ़्तारी के बाद विपक्ष में विचार-विमर्श

श्रीलंका में हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 'हारने' वाले पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनसेका की गिरफ़्तारी के बाद देश में विपक्ष ने अपना आगे का रास्ता तय करने के लिए विचार-विमर्श शुरु कर दिया है.

जनरल फ़ोनसेका को सोमवार शाम को कोलंबो में अपने दफ़्तर से गिरफ़्तार किया गया था.

सरकार का कहना है कि उन्हें कोर्ट मार्शल किया जाएगा. उन पर सरकार का तख़्तापलट करने के लिए सेना के नियमों का उल्लंघन कर अपने कार्यकाल के दौरान राजनीतिक नेताओं से चर्चा करने का आरोप लगाया गया है. जनरल फ़ोनसेका इन सभी आरोपों का खंडन कर चुके हैं.

रिटायर होने से पहले जनरल फ़ोनसेका के नेतृत्व में श्रीलंका की सेना ने तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई को ध्वस्त कर दिया था.

रिटायर होने के बाद वे राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़े थे जिसमें उनके प्रतिद्वंद्वी थे महिंदा राजपक्षे.

जब नतीजे की घोषणा हुई तो बताया गया कि उन्हें 60 लाख वोट के मुकाबले में 40 लाख वोट मिले हैं और वे हार गए हैं. लेकिन उन्होंने इस नतीजे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

'युद्धापराधियों का बचाव नहीं'

उनकी गिरफ़्तारी के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृत्त जनरल को गिरफ़्तार नहीं किया गया बल्कि उनका अपहरण किया गया है.

उन्होंने उस कार्रवाई की भी निंदा की जिसमें, उनके मुताबिक एक दर्जन सैन्य अधिकारी उन्हें कॉलर, हाथ और पैर पकड़कर घसीटते हुए उनके कमरे से ले गए.

ग़ौरतलब है कि उनकी गिरफ़्तारी से कुछ देर पहले उन्होंने पत्रकारों को बताया था कि वे श्रीलंका की सेना और एलटीटीई के बीच हुई जंग के अंतिम चरण में सेना की ओर से कथित तौर पर हुए युद्ध अपराधों के मामले में अंतरराष्ट्रीय जाँच समिति के समक्ष आने के लिए तैयार हैं.

जनरल फ़ोनसेका का कहना था, "यदि किसी ने युद्ध अपराध किए हैं तो मैं उसका बचाव करने के लिए तैयार नहीं हूँ."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने श्रीलंकाई सूचना विभाग के हवाले से कहा है, "बीबीसी की रिपोर्ट से पुष्टि हो गई है कि रिटायर्ड जनरल देश की बहादुर सेनाओं के साथ धोखा करने पर तुले हुए हैं.....वो सेनाएँ जिन्होंने देश को दुनिया के सबसे बेरहम आतंकवादी गुट से बचाया है."

बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हेवीलैंड ने कहा है कि फ़ोनसेका की गिरफ़्तारी नाटकीय थी लेकिन संभावना के विपरीत नहीं था. उनका कहना है कि इससे अब सवाल उठ खड़े होंगे कि क्या इसके बाद विपक्ष के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान को अंजाम दिया जाएगा?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+