आतंकियों को नहीं रोक रहा है पाक: पीएम

मुंबई हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा पर तीसरी बार आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी संगठनों को पराजित कर दिया जाएगा।
सबसे बड़ा भुक्तभोगी कश्मीर
मनमोहन सिंह ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर इन संगठनों की कार्रवाइयों का खामियाजा भुगतता रहता है। पूर्वोत्तर में भी हिंसा और आतंकवाद है। कई राज्य वामपंथी चरमवाद से प्रभावित हैं। जिसे अतीत में मैंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "आप सभी सुरक्षा संबंधी प्रमुख खतरों से वाकिफ हैं। विरोधी गुट और तत्व देश में आतंकवादी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। वे हमारे देश में आतंकवादी गतिविधियां फैलाने की साजिश रच रहे हैं।"
तटीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान देंगे
प्रधानमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर में सीमा पार से हो रही घुसपैठ की घटनाओं पर भी चिंता जाहिर की लेकिन उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवादी घटनाओं में 'उल्लेखनीय कमी' आई है। जम्मू एवं कश्मीर की कुछ घटनाएं परेशान करने वाली हैं।
मुंबई में वर्ष 2008 में हुए आतंकवादी हमलों को ध्यान में रखते हुए देश में तटीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले ने हमें तटीय सुरक्षा और मजबूत बनाने के लिए सचेत कर दिया है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तटीय सुरक्षा समिति गठित की गई है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "अत्यंत सतर्कता तथा केंद्र व राज्य सरकारों के निरंतर और समन्वित प्रयासों की जरूरत है। हमें समय-समय पर प्रणालियों की समीक्षा और देश व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"
जाली नोटों की तस्करी संबंधी सभी मामलों की जांच में तेजी लाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जाली नोट से अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा पार से जाली नोटों की तस्करी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा, "जाली नोट सीमा पार से देश में पहुंचते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र को समन्वित प्रयास करने होंगे। हमारी अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।"












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