आईआरएफसी 5000 करोड़ रुपये के बांड जारी करने के लिए अधिकृत
इन बांडों में निवेश पर ब्याज से होने वाली आमदनी को आयकर से छूट मिलेगी, जिनके नाम पर ऐसे बांड होंगे। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 के खंड 15 के उपखंड 4 के (एच) के अंतर्गत उनकी ब्याज से होने वाली आमदनी को आयकर से मुक्त रखा गया है।
केन्द्र सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 2 की उपधारा 48 के उद्देश्य से कृषि और ग्रामीण विकास के राष्ट्रीय बैंक (नाबार्ड) को 10 वर्षो के शून्य कूपन वाले भविष्य निर्माण बांड को 31 मार्च, 2010 तक जारी करने के लिए मंजूरी दे दी है। जारी करने के लिए बांड की मंजूर की गई संख्या 95,20,000 है, जिसमें प्रत्येक की परिपक्व ता कीमत 20,000 रुपये है और प्रत्येक की अवधि 10 वर्षो की है। ऐसे बांडों से आमदनी परिपक्व ता के बाद पूंजी लाभ के रूप में कर लगेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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