दुख भरे दिन बीते रे भैय्या...कीमतें होंगी कम

Manmohan Singh
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा ,"मैं कहना चाहता हूं कि जहां तक खाद्य वस्तुओं की बढ़ी कीमतों का सवाल है, सबसे बुरा दौर बीत चुका है।" मुद्रास्फीति खासकर आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी हुई कीमतें रोकने के मुद्दे पर चर्चा के लिए आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने यह बात कही। यूपीए सरकार बढ़ती हुई मुद्रास्फीति के कारण पूरे देश में आलोचना की शिकार हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा की राज्य सरकारों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और उन्हें केंद्र से जारी खाद्य वस्तुओं की जरूरतमंद लोगों तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरे विचार से कुछ राज्यों को छोड़कर हमारी वितरण प्रणाली पुरानी हो गई है और इसमें आमूल बदलाव की आवश्यकता है। राज्य सरकारों को विकसित हो रहे बाजार हस्तक्षेप तंत्र पर ध्यान देना चाहिए, यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के पूरक के रूप में काम कर सकता है। राज्यों के नागरिक आपूर्ति निगमों और निदेशालयों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।"

सिंह ने कहा, "रोजगार संरक्षित रखने में हमने अच्छा काम किया लेकिन खाद्य पदार्थो की कीमतें रोकने में हमें कम सफलता मिली।" रियायती दर की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए अतिरिक्त अनाज जारी करने जैसे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि महंगाई रोकने में उनकी सरकार को सीमित सफलता मिली है लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि बढ़ी हुई खाद्य कीमतों का सबसे बुरा दौर बीत चुका है। देश की खाद्य कीमतों की दर इस समय 17 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में खाद्य पदार्थो की कीमतों में गिरावट आई है और यह जारी रहने की उम्मीद है। सिंह ने बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक वस्तुओं के निर्यात पर अस्थाई रोक लगाने तथा राज्य सरकारों से वे सभी कदम उठाने का आग्रह किया जिनसे गरीबों पर बोझ न बढ़े। प्रधानमंत्री ने जमाखोरी रोकने के लिए राज्य सरकारों से आवश्यक वस्तु रखरखाव कानून लागू करने और वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया।

देश में खाद्य कीमतों के 17.56 प्रतिशत पर पहुंचने को लेकर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में आलू की कीमतें 50 प्रतिशत, चावल की 11 प्रतिशत, गेंहू की 16 प्रतिशत और दूध की 14 प्रतिशत बढ़ गई हैं। गैर कांग्रेसी राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों ने बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी का दोष राज्यों पर थोपना दुर्भाग्यपूर्ण है। केरल के मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन ने कहा कि चावल, गेंहू और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में केंद्र सरकार के सुधार नहीं करने के कारण महंगाई बढ़ रही है। गौरतलब है कि पूरे देश में खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं और मंहगाई कम करने में केंद्र सरकार नाकाम रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+