भाजपा ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप मढ़ा
भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, "यह वोट बैंक की राजनीति का सबसे घटिया नमूना है, जबकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अपनी जांच में बाटला हाउस मुठभेड़ पर लगे आरोपों को निराधार बता चुका है। इसके अलावा दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने मामले की न्यायिक जांच कराने की जनहित याचिका खारिज कर दी थी।"
दिग्विजय सिंह के इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े सदस्यों के परिवारवालों से मिलने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रसाद ने कहा कि यदि कांग्रेस के नेता यह सोचते हैं कि आतंकियों के परिवारों से मिलकर वे मुस्लिम वोट बैंक को अपनी ओर खींच लेंगे, तो यह असंभव है।
उन्होंने कहा कि इस मुठभेड़ में मारे गए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा को सरकार ने अशोक चक्र से सम्मानित किया है, जबकि दिग्विजय सिंह अब इस मुठभेड़ पर ही प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं।
उन्होंने प्रधामंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह, सितंबर 2008 में बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए आतिफ और छोटा साजिद के परिवार वालों से मिलने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में उनके गांव सज्जनपुर गए थे।
साजिद के परिवारवालों ने तो उनसे मुलाकात की थी लेकिन आतिफ के परिवारवालों ने यह कहते हुए मिलने से इंकार कर दिया था कि पहले इस मामले की न्यायिक जांच हो।
यद्यपि, सिंह ने उन्हें न्यायिक जांच का भरोसा तो नहीं दिलाया लेकिन कहा था कि वे पूरा प्रयास करेंगे कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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