आईटीबीपी में शामिल हुई पहली महिला बटालियन (लीड-1)
पासिंग आउट परेड के दौरान महिला सैनिकों ने मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम को सलामी दी।
महिला बटालियन से सलामी लेने के बाद गृहमंत्री ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि मैं पहली महिला बटालियन के पासिंग आउट परेड के मौके पर यहां उपस्थित हूं। यह हमेशा गर्व का क्षण होता है जब आप पहले होते हैं। ये 209 लड़कियां इस क्षण को हमेशा याद रखेंगी। और यह दिन आईटीबीपी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"
चिदंबरम ने कहा, "अब इन महिला सैनिकों को देश की सीमा पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा 150 अन्य महिलाएं मई में अपना प्रशिक्षण पूरा कर लेंगी। आईटीबीपी के पास जल्दी ही एक पूर्ण महिला बटालियन होगी।"
आईटीबीपी के महानिदेशक विक्रम श्रीवास्तव ने कहा कि इन महिलाओं को स्कीइंग और पर्वतारोहण का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महानिदेशक ने कहा, " इन महिलाओं में से ही हम क्विक रिएक्शन टीमें और बम निरोधक दस्ता तैयार करेंगे। हम पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव नहीं करते हैं। प्रशिक्षण सभी के लिए एक समान है।"
आईटीबीपी की इस पहली महिला बटालियन को मुख्य रूप से भारत-चीन के बीच होने वाले व्यापार के लिए उपयोग में लाए जाने वाले नाथू ला दर्रे के पास तैनात किया जाएगा। उत्तराखण्ड से लेकर तिब्बत तक के कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रा मार्ग पर भी इन महिला सैनिकों की तैनाती की जाएगी। साथ ही इन्हें आंतरिक सुरक्षा में भी तैनात किया जाएगा।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गत वर्ष सितंबर में पहली महिला बटालियन को शामिल किया था जिसमें 200 महिलाएं शामिल थीं। इन महिलाओं को पंजाब में भारत-पाक सीमा और भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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