बिना किसी पूर्व नोटिस के दिल्ली से अतिक्रमण हटाएं : न्यायालय
नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम से सरकारी भूमि पर से बिना किसी पूर्व नोटिस के सभी तरह के अतिक्रमण हटाने को कहा है।
न्यायमूर्ति एस.एन. ढींगरा ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा, "नगर निगम के पास बिना किसी नोटिस के सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अधिकार है।"
ढींगरा ने कहा, "सड़कों, सरकारी जमीन और रास्ते पर से अतिक्रमण हटाने के लिए किसी भी नोटिस की जरूरत नहीं होती है। इस तरह के अतिक्रमण हटाए ही जाने चाहिए और अगर कोई व्यक्ति किसी तरह को दावा करता है तो उसे पहले अदालत में पेश होना होगा ताकि मामले पर सुनवाई की जा सके।"
अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें कुछ लोगों नले सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था और उसे खाली नहीं कर रहे थे। एक आदेश के बाद निगम ने इन कब्जों को हटा दिया था।
नगर निगम ने इस मामले में अदालत में सड़क की तस्वीरें पेश की जिसमें दिखाया गया था कि सड़क पर अब वाहनों की आवाजाही हो सकती है।
कब्जा करने वालों की दलील को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि वह याचिकाकर्ताओं के किसी भी दलील को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि उनके द्वारा जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज अदालत के सामने नहीं रखे गए हैं।
अदालत की एक खंडपीठ ने नगर निगम को नजफगढ़ के विष्णु गार्डन इलाके में सड़क चौड़ा करने का आदेश दिया था। लेकिन स्थानीय निवासियों और दुकानदारों के विरोध करने पर नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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