शिवराज दिखे योगगुरु और शिक्षक के किरदार में
चौहान ने मंगलवार को अमरकंटक से 'अपना मध्य प्रदेश बनाओ' यात्रा शुरू की। बुधवार को उनका पड़ाव डिंडौरी व मंडला जिला था। सुबह वह डिंडोरी के शाहपुरा गांव के आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूल में पहुंचे और बच्चों से योग से जुड़े सवाल किए। बच्चों ने जब योग के मामले में अनभिज्ञता जताई, तो वे खुद प्राणायाम और सूर्य नमस्कार की खूबियां गिनाने के साथ अभ्यास कराने लगे। कुछ देर के लिए तो विद्यालय योगशाला में ही बदल गया। छात्र योग कर रहे थे तो शिवराज गुरु बनकर योग सिखा रहे थे।
मुख्यमंत्री का काफिला जब नरिया गांव की ओर बढ़ा तो उन्होंने एक विद्यालय की कक्षा तीसरी में पहुंचकर बच्चों से पूछ ही लिया कि वह कौन हैं। बच्चे भी उन्हें पहचानने में नहीं चूके। चौहान ने यहां बच्चों से पढ़ाई से जुड़े सवाल भी किए। उन्होंने बच्चों से पूछा कि चिड़ियां अपने पंखों में भर कर क्या लाती है? बच्चों का जवाब था हवा। इसके आगे उन्होंने चिड़िया चोंच में क्या लाती है और उसकी आंखो में क्या होता है, जैसे सवाल भी बच्चों से किए।
मुख्यमंत्री ने एक गांव में साफ -सफाई का संदेश देने के लिए झाड़ू भी लगाई और कोल जनजाति के एक घर में पहुंचकर चाय भी पी। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आने वाले चार वर्षों में किसानों और गांव वालों को दिन-रात बिजली दिलाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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