बच्चों और महिलाओं के मुद्दे पर 'कथा' की संगोष्ठी
युनिवर्सिटी ऑफ डेलअवेयर के साथ मिल कर आयोजित की गई यह संगोष्ठी खासतौर से कॉलेज और स्कूली विद्यार्थियों पर केंद्रित रही। संगोष्ठी में न केवल वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक ढांचे में बदलाव के लिए, बल्कि सैद्धांतिक और प्रयोगसिद्ध मुद्दों में भी बदलाव के लिए सामाजिक आंदोलनों पर जोर दिया गया।
संगोष्ठी में इस बात की पड़ताल करने की कोशिश की गई कि बच्चों के लिए, देश के भविष्य के लिए और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए देश में कोई प्रभावी आंदोलन क्यों नहीं चल रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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