लाल चौक पर झंडा न फहराया जाना अलगाववादियों के समक्ष समर्पण : भाजपा

उल्लेखनीय है कि पिछले 19 वर्षो से गणतंत्र दिवस के मौके पर हमेशा ही लाल चौक पर झंडा फहराया जाता था लेकिन मंगलवार को वहां न तो झंडा ही फहराया गया और न ही वहां कोई रौनक दिखी।

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "गणतंत्र दिवस पर लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज न फहराए जाने की भाजपा घोर भर्त्सना करती है। घाटी में अलगाववादी तत्वों के सामने सरकार का यह कायराना समर्पण है।

उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा बलों और देश के लोगों के मनोबल को गिराने वाला है। इसे हुíरयत द्वारा प्रतिवर्ष 26 जनवरी को बंद आयोजित करने की लगातार करतूतों की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए। सरकार ने इस समारोह में लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की बजाय झंडा फहराने के समारोह को ही रद्द करने का फैसला किया।

उधर भाजपा विधायक अशोक खजूरिया ने जम्मू में आईएएनएस से बातचीत में कहा, "अलगाववादी ताकतों के खिलाफ मुस्तैदी से खड़ा होने की सरकार की अक्षमता को यह प्रदर्शित करता है।"

उन्होंने सरकार पर अलगाववादी ताकतों और समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ झुकने का आरोप लगाया।

लाल चौक स्थित घंटाघर पर तिरंगा फहराने की शुरुआत 1991 में भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने की थी। इसके बाद से इस क्षेत्र में तैनात अर्धसैनिक बलों द्वारा प्रति वर्ष यहां तिरंगा फहराया जाता था लेकिन इस वर्ष केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से इस सिलसिले को जारी नहीं रखा गया।

सीआरपीएफ का कहना है कि यह आयोजन कभी भी राज्य सरकार की ओर से नहीं होता था। लाल चौक पर तैनात अर्धसैनिक बलों की ओर से निजी तौर पर इसका आयोजन किया जाता था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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