औध शुगर को 8.67 करोड़ रुपये का घाटा
कंपनी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, "वर्ष 2008-09 के दौरान उत्पादन में तेजी से गिरावट आई और साल 2009 के नवम्बर में यह और घट गया। जिसकी वजह से इस तिमाही की आमदनी में कमी आई। इसके अलावा, मानसून में देरी होने के कारण शुगर मिलों ने गóो की पेराई देरी से शुरू की जिससे की इस तिमाही में उत्पादन में और गिरावट आई।"
ओएसएमएल की चार इकाइयां हरगांव शुगर मिल्स, न्यू स्वदेशी शुगर मिल्स, रोजा शुगर वर्क्स और न्यू इंडिया शुगर मिल्स चीनी का उत्पादन करती हैं।
कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर नोपेनी के मुताबिक चीनी की कीमतों में कुछ समय तक और तेजी बनी रहेगी।
चीनी की खपत का स्तर 23 लाख टन रहने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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