बीटी बैंगन पर पीएमओ से कोई दबाव नहीं : जयराम रमेश
जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी (जीईएसी) में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त किए गए वैज्ञानिक पुष्प भार्गव ने एक संगोष्ठी में आरोप लगाया है कि जयराम रमेश पर बीटी बैंगन की व्यावसायिक खेती के लिए मंजूरी देने हेतु प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से भारी दबाव है।
भार्गव ने कहा, "पर्यावरण मंत्री बीटी बैंगन की व्यावसायिक खेती की मंजूरी रोक सकते हैं। मैं जयराम को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। वह एक अच्छे मित्र हैं। यदि उनसे पूछा जाएगा तो इससे इंकार करेंगे। लेकिन उन पर पीएमओ से भारी दबाव है।"
भार्गव यहां जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बीटी बैंगन पर आयोजित बातचीत में बोल रहे थे।
जब भार्गव की इस टिप्पणी पर रमेश से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने आईएएनएस से स्पष्ट रूप से कहा, "पीएमओ से किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है।"
भार्गव सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलाजी (सीसीएमबी) के संस्थापक निदेशक हैं। साथ ही वह ज्ञान आयोग के सदस्य भी हैं।
भार्गव ने आईएएनएस से कहा, "मैंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से संपर्क करने की कई बार कोशिश की। मैंने कुछ महीने पहले उन्हें इस बारे में एक विस्तृत पत्र भी लिखा था। उस समय तक जीईएसी ने अपनी मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है, जब मेरे पत्र का वहां से जवाब तक नहीं आया है। आमतौर पर जब भी मैंने उन्हें पत्र लिखा है, तत्काल उसका जवाब मुझे मिला है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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