डेनमार्क ने तिब्बत पर बातचीत शुरू होने का स्वागत किया
धर्मशाला, 27 जनवरी (आईएएनएस)। डेनमार्क ने तिब्बत के राजनीतिक दर्जे को लेकर चीन और निर्वासित तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा के बीच शुरू हुई बातचीत का स्वागत किया है। डेनमार्क की ओर से कहा गया है कि दोनों देशों को यह सुनिश्चित कराना चाहिए कि चीनी संविधान के दायरे के अंदर तिब्बत को उचित स्वशासन का अधिकार प्राप्त हो।
दलाई लामा के प्रतिनिधि लोदी ग्याल्तसेन ग्यारी और केलसांग ग्याल्तसेन चीन सरकार के साथ बातचीत करने के लिए मंगलवार को बीजिंग पहुंच गए हैं।
तिब्बत की निर्वासित सरकार की वेबसाइट पर डेनमार्क के विदेश मंत्री पेर स्टिग मूलर के हवाले से कहा गया है, "मुझे इस बात से बहुत संतोष हुआ है कि दलाई लामा के प्रतिनिधियों और चीन सरकार के बीच 15 महीने के अंतराल बाद फिर से बातचीत शुरू हो गई है।"
मूलर ने कहा है, "मैं दोनों पक्षों का दोबारा आह्वान करता हूं कि वे रचनात्मक बातचीत जारी रखे और मैं आशा करता हूं कि बातचीत का कुछ ऐसा परिणाम आए जो तिब्बती लोगों को चीनी संविधान के दायरे में उचित स्वशासन का अधिकार सुनिश्चित कराए, ऐसा अधिकार जिसमें उन्हें सांस्कृतिक व धार्मिक आजादी हो और उनके मानवाधिकारों का सम्मान हो।"
मूलर ने कहा है कि तिब्बत के सवाल का एक मात्र शांतिपूर्ण समाधान संवाद के जरिए ही होने वाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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