राजपक्षे की जीत सुनिश्चित : श्रीलंकाई अधिकारी (लीड-1)
कोलंबो, 27 जनवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका के राष्ट्रपति सचिवालय के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि चुनाव नतीजे की आधिकारिक घोषणा बाद में होगी लेकिन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की जीत सुनिश्चित हो चुकी है।
राजपक्षे ने 26 साल के खूनी संघर्ष में तमिल विद्रोहियों का सफाया करने के बाद हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में मतगणना के शुरुआती दौर में ही बढ़त हासिल कर ली थी।
राष्ट्रपति सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा, "नतीजों की आधिकारिक घोषणा शाम करीब चार बजे होगी। लेकिन राष्ट्रपति की जीत पक्की हो चुकी है।"
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि राजपक्षे दोबारा निर्वाचित हुए हैं। नतीजे की औपचारिक घोषणा बाद में की जाएगी।
जहां एक ओर मतगणना हो रही थी, वहीं दूसरी ओर एक नाटकीय घटनाक्रम में सैनिकों ने उस होटल को घेर लिया, जहां फोंसेका ठहरे थे। सिन्नामॉन लेकसाईड होटल कोलंबो के पांच सितारा होटलों में से है। यह वायुसेना मुख्यालय के करीब है।
बीबीसी ने खबर दी है कि सिन्नामॉन लेकसाईड होटल के बाहर तैनात सशस्त्र सैनिक वहां आने वाले प्रत्येक वाहन की तलाशी ले रहे हैं।
मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी डीपीए को बताया, "होटल के बाहर हम करीब 200 सैनिकों को देख रहे हैं, लेकिन वे अब तक होटल में दाखिल नहीं हुए।"
उन्होंने बताया कि सेना के 10 वर्दीधारी कर्मी फोंसेका को सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार मतगणना के ताजा नतीजों के मुताबिक राजपक्षे को 2,960,507 या 60.27 प्रतिशत मत मिल चुके थे। फोंसेका को 1,690,990 या 37.99 प्रतिशत मत मिले थे।
सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानायक्कारा ने कहा है कि फोंसेका को गिरफ्तार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा, "हमें पता चला है कि वहां सेना के करीब 400 पूर्व कर्मी हैं। हम सिर्फ उनकी मौजूदगी पर नजर रखना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि वे कोई समस्या न पैदा करें।"
श्रीलंका में छठे राष्ट्रपति चुनावों में करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था। श्रीलंका के निर्वाचन विभाग के अनुसार देश में 14,088,500 मतदाताओं के लिए 11,098 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मुख्य मुकाबला राजपक्षे और फोंसेका के बीच है। चुनाव मैदान में कुल 22 प्रत्याशी हैं।
राजपक्षे ने निर्धारित समय से दो साल पूर्व चुनाव कराए हैं।
फोंसेका ने वर्ष 2006 से 2009 तक सेना की कमान संभाली और तमिल विद्रोहियों के सफाए करने का श्रेय उन्हें भी दिया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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