17 पाक क्रिकेटरों को वीजा देने के बाद हम दोषी कैसे : विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आईपीएल-3 में खेलने के लिए 17 पाकिस्तानी क्रिकेटरों को वीजा देने के बावजूद उस पर नीलामी को प्रभावित करने के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "आईपीएल के आगामी संस्करण में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं किए जाने को लेकर भारत सरकार पर दोष मढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान को उन कारणों को लेकर आत्ममंथन करना चाहिए जिनके कारण भारत के साथ उसके रिश्ते खराब हुए हैं। दोनों देशों के खराब रिश्तों के कारण क्षेत्र में शांति, स्थायित्व और समृद्धि पर बुरा असर पड़ा है।"
मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया है कि आईपीएल के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा नहीं दिया गया था। मंत्रालय ने कहा, "यह बात बेबुनियाद है।"
मंत्रालय ने साफ किया कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने संक्षिप्त नोटिस पर दिसंबर 2009 और इस वर्ष जनवरी में पाकिस्तान के 17 खिलाड़ियों के नाम वीजा जारी किया था, जिससे कि वे आईपीएल के तीसरे संस्करण में खेल सकें।
मंत्रालय ने कहा, "दो वीजा इस्लामाबाद से जारी किए गए जबकि तीन वीजा न्यूजीलैंड के वेलिंग्टन में स्थित भारतीय उच्चायोग से जारी किए गए। इसके अलावा 12 वीजा सिडनी से जारी किए गए हैं। न्यूजीलैंड दौरे के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी इन दिनों आस्ट्रेलिया दौरे पर हैं और इसी दौरान उनसे जुड़ी कागजी कार्रवाई की गई।"
मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से खिलाड़ियों के नाम वीजा जारी करने को लेकर अनुरोध प्राप्त होने के बाद विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अन्य मंत्रालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने की दिशा में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मदद की है।
इससे पहले, नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हुई कथित नाइंसाफी में भारत सरकार के शामिल होने से जुड़े पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक के आरोपों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने कहा कि भारत सरकार का आईपीएल के साथ कुछ लेना-देना नहीं है। इस संबंध में किसी प्रकार का आरोप लगाने से पहले पाकिस्तान यह स्पष्ट कर ले कि उसके आरोप कितने तर्कसंगत हैं।
कृष्णा ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "भारत सरकार का आईपीएल के साथ कुछ लेना-देना नहीं है। इस संबंध में किसी प्रकार का आरोप लगाने से पहले पाकिस्तान यह स्पष्ट कर ले कि उसके आरोप कितने तर्कसंगत हैं। हम स्पष्ट तौर पर यह जानना चाहते हैं कि आखिर हम इस नीलामी में कैसे शामिल थे। साथ ही हम यह भी जानना चाहते हैं कि हमारे कारण नीलामी प्रक्रिया किस तरह और कैसे प्रभावित हुई।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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