ज्योति बसु की अंतिम यात्रा
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत ज्योति बसु की अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ मंगलवार सुबह शुरू होगी.
ज्योति बसु अपना शरीर दान कर चुके थे इसलिए उनका अंतिम संस्कार नहीं होगा.
बसु का आख़िरी सफर श्रद्धांजलि के बाद एक अस्पताल में ख़त्म होगा.
लगातार 23 साल तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु का 95 साल की उम्र में रविवार को निधन हो गया था.
ज्योति बसु के निधन के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में शोक की लहर है.
अंतिम यात्रा के समय लोगों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अंतिम यात्रा के कार्यक्रम में फेरबदल किया गया है.
वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने पत्रकारों को बताया कि दिवंगत नेता की अंतिम यात्रा मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे 'पीस ऑफ़ हेवन' से शुरू होगी.
इसके बाद उन्हें अलीमुद्दीन स्ट्रीट स्थित पार्टी मुख्यालय ले जाया जाएगा.
वहां से उनका पार्थिव शरीर राइटर्स बिल्डिंग ले जाया जाएगा जहाँ वो 23 साल मुख्यमंत्री रहे थे.
श्रद्धांजलि
ज्योति बसु की अंतिम यात्रा का अगला पड़ाव पश्चिम बंगाल विधानसभा होगी जहां इसे जनता के दर्शनार्थ रखा जाएगा.
देश विदेश के नेता भी ज्योति बसु को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी मंगलवार को दिवंगत मार्क्सवादी नेता ज्योति बसु श्रद्धांजलि देंगी.
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी केंद्र सरकार की ओर से अंतिम यात्रा में शामिल होंगे.
इसके बाद पार्थिव शरीर को मोहर कुंज ले जाया जाएगा जहाँ उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर के रूप में अंतिम विदाई दी जाएगी.
यह यात्रा दक्षिण कोलकाता स्थित एसएसकेएम अस्पताल में समाप्त होगी जहाँ उनका शरीर अस्पताल को सौंप दिया जाएगा.












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