राज्य मंत्रियों की शिकायत पर प्रधानमंत्री का कार्रवाई का वादा
प्रधानमंत्री ने राज्य मंत्रियों को भरोसा दिलाया कि वह कैबिनेट की अगली बैठक में इस मामले को उठाएंगे।
मनमोहन सिंह के साथ एक घंटे तक चली बातचीत में 78 सदस्यीय मंत्रिमंडल के 38 राज्य मंत्रियों में से कई मंत्रियों ने कहा कि वे उपेक्षित हैं और उन्हें अब तक कोई भी अर्थपूर्ण काम नहीं दिया गया है।
एक राज्य मंत्री ने आईएएनएस को बताया, "लगभग एक दर्जन मंत्रियों ने शिकायत की कि मंत्रालयों के संचालन में सहभागिता की कोई सोच नहीं है और कुछ ने शिकायत की कि वे बेकार पड़े हुए हैं।"
शिकायत करने वाले मंत्रियों में रेल राज्य मंत्री के.एच.मुनियप्पा (कांग्रेस) व ई.अहमद(इंडियन युनियन मुस्लिम लीग) और शहरी विकास राज्य मंत्री सुगता रे (तृणमूल कांग्रेस) शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों की शिकायतें सुनी और कहा कि वह कैबिनेट की अगली बैठक में इन शिकायतों को उठाएंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, "बैठक में राज्य मंत्रियों की प्रतिभा के बेहतर इस्तेमाल के तरीकों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने शासन को प्रभावी बनाने तथा सरकार के संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए अपना सर्वोत्तम योगदान देने का राज्य मंत्रियों से आग्रह किया।"
एक अन्य मंत्री ने आईएएनएस को बताया, "यह एक अच्छी बैठक रही और कम से कम हमें अपने भीतर की भावना व्यक्त करने का मौका मिला। हमें उम्मीद हैं कि जल्द ही कुछ सुधार होगा।"
वित्त राज्य मंत्रियों में एस.एस.पलानिमनिकम और नमो नारायण मीणा ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की प्रशंसा की।
वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और रसायन व उर्वरक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना ने भी अपने विचार रखे, लेकिन इन मंत्रियों ने भी अपने वरिष्ठ मंत्रियों की आलोचना नहीं की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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