असाधारण साहसी 21 बच्चों का राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार के लिए चयन
दिल्ली में सोमवार को भारतीय बाल कल्याण परिषद ने पुरस्कार विजेता 21 बहादुर बच्चों को मीडिया के सामने पेश किया जिनमें आठ लड़कियां हैं।
हरियाणा के 13 वर्षीय गौरव सिंह सैनी को नैना देवी मंदिर में मची भगदड़ में 60 से अधिक लोगों की जिंदगी बचाने के लिए 'भारत' सम्मान से नवाजा जाएगा।
वर्ष 2008 में हुई उस दुर्घटना को याद करते हुए सैनी ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मंदिर गया था तभी अचानक उसने सुना की भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से लोगों में दहशत फैल गई और वहां भगदड़ मच गई।
सैनी ने बताया, "मैंने वहां से न भागने और भगदड़ में नीचे गिरे लोगों की सहायता करने का फैसला किया। लोग एक दूसरे के ऊपर गिर रहे थे और भयभीत थे। मैंने चारों ओर देखा, बाद में एक तार दिखा उसे लेने के लिए मैं कूद पड़ा। लोग मुझे देख रहे थे, मैंने तार की सहायता से लोगों को ऊपर खिंचना शुरू किया।"
उसने बताया,"जल्दी ही मैंने तार से धीरे-धीरे 60 से अधिक लोगों को टीन की छत पर खींच लिया। "
उस दुर्घटना में एक किशोर ने अपनी सगी और चचेरी बहन को खो दिया।
सैनी ने आईएएनएस को बताया,"मुझे गर्व है कि मैंने लोगों के जीवन को बचाया। मेरे शिक्षक हमेशा कहते हैं कि व्यक्ति की असली परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में ही होती है। मैं भारतीय सेना में जाना चाहता हूं और लोगों का जीवन बचाना चाहता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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