ज्योति बसु के निधन पर त्रिपुरा शोकमग्न (लीड-1)
अगरतला, 18 जनवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा सरकार ने सोमवार को कहा है कि वयोवृद्ध मार्क्सवादी नेता ज्योति बसु के रूप में उसने अपना एक सच्चा दोस्त खो दिया है। बसु का रविवार को कोलकाता में निधन हो गया है।
राज्य सरकार ने सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में एक शोक प्रस्ताव पारित कर कहा, " त्रिपुरा ने अपना एक सच्चा दोस्त खो दिया है।"
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की और कोलकाता में मंगलवार को होने वाले ज्योति बसु के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सोमवार दोपहर रवाना हो गए। मुख्यमंत्री के साथ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के आठ अन्य शीर्ष नेता भी कोलकाता गए हैं।
मार्क्सवादी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की राज्य इकाई ने एक बयान में कहा, " वर्ष 1978 में त्रिपुरा में जब पहली बार वाम मोर्चा की सरकार बनी और नृपेन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री का पद संभाला तब बसु ने उन्हें सरकार चलाने के संबंध में कुछ गुर सिखाए थे।"
माकपा की राज्य समिति ने पूरे त्रिपुरा में मंगलवार को मौन जुलूस निकालने का फैसला किया है और देश के वयोवृद्ध नेता के सम्मान में सभी संभागों में 25 जनवरी को शोकसभाएं आयोजित की जाएगी।
राज्य में सोमवार और मंगलवार को शोक मनाया जाएगा जबकि मंगलवार को भी छुट्टी की घोषणा की गई है।
एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, "राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया है और सोमवार तथा मंगलवार को आयोजित आधिकारिक समारोह रद्द कर दिए गए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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